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Friday, November 8, 2019

उक्त रक्तचाप के उपचार, High blood pressure

उक्त रक्तचाप के उपचार High blood pressure 



रक्तचाप जिसे हाईपरटेंशन भी कहते हैं एक बहुत ही गंभीर और भयंकर रोग है क्योंकि अगर रोगी को सही समय पर सही चिकित्सीय मदद नहीं मिलती तो इससे हार्ट अटैक, ब्रेन हैंमरेज, वगैरह भी होने की संभावना रहती है।उच्च-रक्तचाप वह रोग है जिसमें हृदय के संकुचन की अवस्था में रक्त वाहिकाओं में रक्त का दबाव पारे के 140 mm से ज्यादा या हृदय के विस्तारण की अवस्था में 90 mm से ज्यादा रहता है या दोनों अवस्थाओं में ज्यादा रहता है। इसकी वजह है शारीरिक गतिविधियों की कमी। मोटापा, तनाव, खाने पीने में लापरवाही, गंभीर बीमारियाँ, अनुवांशिक बीमारियाँ, धूम्रपान, नशा वगैरह वगैरह।

1. उच्च रक्तचाप के मुख्य कारणों में से एक है आपके रक्त का गाढ़ा होना। रक्त गाढ़ा होने से उसका प्रवाह धीमा हो जाता है। जिससे नसों और धमनियों पर दबाव पड़ता है। लहसुन में बहुत हीं ताकतवर एंटीओक्सीडेनट्स , जैसे कि सेलेनियम, विटामिन सी और एलीसीन होते है, जो कि रक्त को पतला करने में काफी प्रभावशाली होते हैं। इसीलिए सुबह सुबह कच्चे लहसुन के दो तीन कली के टुकड़े चबाने से या उसके महीन टुकड़े करके निगलने से काफी फायदा पहुँचता है।

2. नमक ब्लड प्रेशर बढाने वाला प्रमुख कारक है, इसलिए हाई ब्लड प्रेशर वालों को नमक का प्रयोग कम करना चाहिए।

3. एक चम्मच आंवले का रस और एक ही चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम लेने से हाई ब्लड प्रेशर में बहुत लाभ होता है।

4. हाई ब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए पपीता भी बहुत लाभकारी है, इसे खाली पेट चबा-चबाकर खाना चाहिए ।

5. तरबूज के बीज तथा खसखस को अलग-अलग पीसकर बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें। प्रतिदिन खाली पेट एक चम्मच पानी के साथ लें।

6. गाजर और पालक का रस मिलाकर एक गिलास सुबह-शाम पीने से लाभ मिलता है।

7. हाई ब्लड प्रेशर को जल्दी कंट्रोल करने के लिये आधा गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़कर 2-2 घंटे के अंतर से पीना चाहिए।

8. जब ब्लड प्रेशर बढा हुआ हो तो आधा गिलास हल्के गर्म पानी में एक चम्मच काली मिर्च पाउडर घोलकर 2-2 घंटे में पीते रहें।

9. करेला और सहजन की फ़ली का नित्य सेवन उच्च रक्त चाप में परम हितकारी हैं।

10. सौंफ़, जीरा, शक्‍कर तीनों को बराबर लेकर पाउडर बना लें। इसे एक चम्मच एक गिलास पानी में घोलकर सुबह-शाम पीने से लाभ होता है।

11. हाई ब्लड प्रैशर में पांच तुलसी के पत्ते तथा दो नीम की पत्तियों को पीसकर 20 ग्राम पानी में घोलकर खाली पेट सुबह पिएं।
12. उच्च रक्त चाप में मरीजों को सुबह शाम एक टुकड़ा अदरक का काली मिर्च के साथ चूसना चाहिए ।

13. लाल मिर्च के सेवन से नसें और रक्त वाहिकाएं चौड़ी हो जाती हैं,जिससे रक्त प्रवाह सहज हो जाता है और रक्तचाप नीचे आ जाता है।

14. बिना आते से चोकर निकाले गेहूं व चने के आटे को बराबर मात्रा में लेकर बनाई गई रोटी खूब चबा-चबाकर खानी चाहिए ।

15. पाँच ग्राम मेथीदाना पावडर द्रह दिनों तक सुबह-शाम पानी के साथ लें। इससे भी लाभ मिलता है।

16. प्रतिदिन नंगे पैर हरी घास पर 10-15 मिनट जरूर चलें, इससे ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है।


मधुमेह के कुछ आसन से घरेलू उपाय, Home remedies for diabetes



मधुमेह के कुछ आसन से घरेलू उपाय


 बदलता परिवेश और रहन-सहन शहर में मधुमेह के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा कर रहा है। खान-पान पर नियंत्रण न होना भी इसके लिए जिम्मेदार है। डायबिटीज के मरीज को सिरदर्द, थकान जैसी समस्याएं हमेशा बनी रहती हैं। मधुमेह में खून में शुगर की मात्रा बढ जाती है। वैसे इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है। परंतु जीवनशैली में बदलाव, शिक्षा तथा खान-पान की आदतों में सुधार द्वारा रोग को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।


 मधुमेह लक्षण :-

1. बार-बार पेशाब आना।

2. बहुत ज्यादा प्यास लगना।

3. बहुत पानी पीने के बाद भी गला सूखना।

4. खाना खाने के बाद भी बहुत भूख लगना।

5. मितली होना और कभी-कभी उल्टी होना।

6. हाथ-पैर में अकड़न और शरीर में झंझनाहट होना।

7. हर समय कमजोरी और थकान की शिकायत होना।

8. आंखों से धुंधलापन होना।

9. त्वचा या मूत्रमार्ग में संक्रमण।

10. त्वचा में रूखापन आना।

11. चिड़चिड़ापन।

12. सिरदर्द।

13. शरीर का तापमान कम होना।

14. मांसपेशियों में दर्द।

15. वजन में कमी होना।




★★ यहाँ मधुमेह को नियंत्रण करने के कुछ आसन से घरेलू उपाय:-

1. तुलसी के पत्तों में ऐन्टीआक्सिडन्ट और ज़रूरी तेल होते हैं जो इनसुलिन के लिये सहायक होते है । इसलिए शुगर लेवल को कम करने के लिए दो से तीन तुलसी के पत्ते को प्रतिदिन खाली पेट लें, या एक टेबलस्पून तुलसी के पत्ते का जूस लें।

2. 10 मिग्रा आंवले के जूस को 2 ग्राम हल्दी के पावडर में मिला लीजिए। इस घोल को दिन में दो बार लीजिए। इससे खून में शुगर की मात्रा नियंत्रित होती है।

3. काले जामुन डायबिटीज के मरीजों के लिए अचूक औषधि मानी जाती है। मधुमेह के रोगियों को काले नमक के साथ जामुन खाना चाहिए। इससे खून में शुगर की मात्रा नियंत्रित होती है।

4. लगभग एक महीने के लिए अपने रोज़ के आहार में एक ग्राम दालचीनी का इस्तेमाल करें, इससे ब्लड शुगर लेवल को कम करने के साथ वजन को भी नियंत्रण करने में मदद मिलेगी।

5. करेले को मधुमेह की औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसका कड़वा रस शुगर की मात्रा कम करता है।अत: इसका रस रोज पीना चाहिए। उबले करेले के पानी से मधुमेह को शीघ्र स्थाई रूप से समाप्त किया जा सकता है।

6. मधुमेह के उपचार के लिए मैथीदाने का बहुत महत्व है, इससे पुराना मधुमेह भी ठीक हो जाता है। मैथीदानों का चूर्ण नित्य प्रातः खाली पेट दो टी-स्पून पानी के साथ लेना चाहिए ।

7. काँच या चीनी मिट्टी के बर्तन में 5-6 भिंडियाँ काटकर रात को गला दीजिए, सुबह इस पानी को छानकर पी लीजिए।

8. मधुमेह मरीजो को नियमित रूप से दो चम्मच नीम और चार चम्मच केले के पत्ते के रस को मिलाकर पीना चाहिए।

9. ग्रीन टी भी मधुमेह मे बहुत फायदेमंद मानी । जाती है ग्रीन टी में पॉलीफिनोल्स होते हैं जो एक मज़बूत एंटी-ऑक्सीडेंट और हाइपो-ग्लाइसेमिक तत्व हैं, शरीर इन्सुलिन का सही तरह से इस्तेमाल कर पाता है।

10. सहजन के पत्तों में दूध की तुलना में चार गुना कैलशियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है। मधुमेह में इन पत्तों के सेवन से भोजन के पाचन और रक्तचाप को कम करने में मदद मिलती है। इसके नियमित सेवन से भी लाभ प्राप्त होता है ।

11. एक टमाटर, एक खीरा और एक करेला को मिलाकर जूस निकाल लीजिए। इस जूस को हर रोज सुबह-सुबह खाली पेट लीजिए। इससे डायबिटीज में बहुत फायदा होता है।

12. गेहूं के पौधों में रोगनाशक गुण होते हैं। गेहूं के छोटे-छोटे पौधों से रस निकालकर प्रतिदिन सेवन करने से भी मुधमेह नियंत्रण में रहता है।

13. मधुमेह के मरीजों को भूख से थोड़ा कम तथा हल्का भोजन लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में खीरा नींबू निचोड़कर खाकर भूख मिटाना चाहिए।

14. मधुमेह उपचार मे शलजम का भी बहुत महत्व है । शलजम के प्रयोग से भी रक्त में स्थित शर्करा की मात्रा कम होने लगती है। इसके अतिरिक्त मधुमेह के रोगी को तरोई, लौकी, परवल, पालक, पपीता आदि का प्रयोग भी ज्यादा करना चाहिए।

15. 6 बेल पत्र , 6 नीम के पत्ते, 6 तुलसी के पत्ते, 6 बैगनबेलिया के हरे पत्ते, 3 साबुत काली मिर्च ताज़ी पत्तियाँ पीसकर खाली पेट, पानी के साथ लें और सेवन के बाद कम से कम आधा घंटा और कुछ न खाएं , इसके नियमित सेवन से भी शुगर सामान्य हो जाती है ।

उल्टी और दस्त के घरेलु उपचार, Home remedies for vomit and Diarrhoea



उल्टी और दस्त के घरेलु उपचार

घर के किसी भी छोटे बड़े सदस्य को उल्टी एवँ दस्त किसी भी वजह से हो सकते हैं जिनमें से बदहजमी सबसे मुख्य है। कभी-कभी सर्दी या गर्मी लगने, दूषित खानपान से भी उल्टी और दस्त की समस्या हो जाती है ।

1. उल्टी होने पर नीँबू का रस पानी में घोल कर लेने से शीघ्र ही फायदा होता है ।

2. आप एक दो लौंग, दालचीनी या इलायची मुहँ में रखकर चूसिये यह मसाले उल्टियाँ विरोधक औषधियों होने के कारण उल्टियाँ रोकने में बहुत ही मददगार साबित होते है।

3. तुलसी के पत्तों का एक चम्मच रस शहद के साथ लेने से उल्टी में लाभ मिलता है ।

4. एक चम्मच प्याज का रस पीने से भी उल्टी में लाभ मिलता है ।

5. गर्मियों में यदि बार बार उल्टियाँ आती है तो बर्फ चूसनी चाहिए ।

6. पुदीने के रस को लेने से भी उल्टी में लाभ मिलता है ।

7. धनिये के पत्तों और अनार के रस को थोड़ी थोड़ी देर के बाद बारी-बारी से पीने से भी उल्टी रुक जाती है ।

8. 1/4 चम्मच सोंठ एक चम्मच शहद के साथ लेने से उल्टी में शीघ्र आराम मिलता है ।

9. नींबू का टुकड़ा काले नमक के साथ अपने मुंह में रखने से आपको उल्टी महसूस नहीं होती है, रुक जाती है ।

10. आधा चम्मच पिसे हुए जीरे का पानी के साथ सेवन करने से उल्टियों से शीघ्र छुटकारा मिलता है ।

11. एक गिलास पानी में एक चम्मच एप्पल का सिरका डालकर पियें उल्टी में तुरंत आराम मिलेगा ।

12. उल्टियाँ होने से 12 घंटो बाद तक ठोस आहार का सेवन न करें, लेकिन भरपूर मात्रा में पानी और फलों के रस का सेवन करते रहें।

13. तैलीय, मसालेदार, भारी और मुश्किल से पचनेवाले खाद्द्य पदार्थों का सेवन न करें इससे भी उल्टियाँ आती है ।

14. पित्त की उल्टी होने पर शहद और दालचीनी मिलाकर चाटें ।

15. हरर को पीसकर शहद के साथ मिलाकर चाटने से उल्टी बंद होती है|

16. खाना खाने के तुरंत बाद न सोयें। खाने के बाद टहलने की आदत डालें । जब भी सोयें तो अपनी दाहिनी बाज़ू पर सोयें। इससे आपके पेट के पदार्थ मुंह तक नहीं आयेंगे ।

17. दही, भात, को मिश्री के साथ खाने से दस्त में आराम आता है।

18. एक एक चम्मच अदरक , नीबूं का रस काली मिर्च के साथ लेने पर भी दस्त में आराम मिलता है ।

19. सौंफ और जीरे को बराबर-बराबर मिला कर भून कर पीस लें । इसे आधा-आधा चम्मच पानी के साथ दिन में तीन बार लेने से दस्तों में फायदा मिलता है ।

20. केले, सेब का मुरब्बा और पके केले का सेवन करें दस्त में तुरंत आराम मिलेगा ।

21. दस्त आने पर अदरक के टुकड़े को चूसे या अदरक की चाय पियें पेट की मरोड़ भी शांत होती है और दस्त में भी आराम मिलता है ।

22. दस्त रोकने के लिए चावल के माड़ में हल्का नमक और काली मिर्च डालकर उसका सेवन करें दस्त रुक जायेंगे ।

23. जामुन के पेड़ की पत्तियाँ पीस कर उसमें सेंधा नमक मिला कर 1/4 चम्मच दिन में दो बार लेने से दस्त रुक जाते है ।

24. दस्त आने पर दूध और उससे बनी हुई चीजों का सेवन कतई भी ना करें ।

25. दस्त आने पर दस्त के साथ शरीर के खनिज वा तरल पदार्थ बाहर निकलते है इनकी कमी पूरी करने के लिए O.R.S का घोल पियें ।